"डायबिटीज" का पता चलने का मतलब यह नहीं है, कि आप अपनी एम्बिशन्स, स्पोर्ट्स और बड़े गोल छोड़ दें। अनेक एथलीट्स इस बीमारी के साथ जीते हैं — और फिर भी चैंपियन्स बनते हैं।
यहां कुछ उदाहरण दिए गए हैं।
— Nacho Fernández, Real Madrid के डिफेंडर हैं।
उन्हें टीनएजर के तौर पर टाइप 1 की डायबिटीज का पता चला था। आज वे दुनिया के सबसे मजबूत क्लबों में से एक के खिलाड़ी हैं और अनेक इंटरनेशनल ट्रॉफी जीत चुके हैं।
— Matthias Steiner — ओलंपिक वेटलिफ्टिंग के एक चैंपियन हैं।
डायबिटीज के बावजूद, उन्होंने 2008 के ओलंपिक गेम्स में गोल्ड जीता था, ज़बरदस्त ताकत और कैरेक्टर दिखाकर।
— Gary Hall Jr. — पांच बार के ओलंपिक स्विमिंग चैंपियन हैं।
टाइप 1 की डायबिटीज का पता चलने के बाद उन्होंने अपना करियर जारी रखा था और अपनी पीढ़ी के सबसे मशहूर तैराकों में से एक बन गए हैं।
इन लोगों में क्या कॉमन है?
डिसिप्लिन और ग्लूकोज के लेवल की लगातार मॉनिटरिंग।
यही सुरक्षित ट्रेनिंग, रिकवरी और अच्छे रिजल्ट्स की चाबी है।
आज टेक्नोलॉजीज मॉनिटरिंग को पहले से कहीं ज़्यादा सटीक और आसान बनाती हैं।
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करेंट डिस्काउंट 1 अप्रैल तक वैलिड है — इस तारीख के बाद प्रोडक्शन में निवेश पॉर्शन्स की वैल्यू 20% में बढ़ जाएगी।
पूरी ज़िंदगी जीना मुमकिन है।
सबसे ज़रूरी बात यह है, कि अपनी हेल्थ को कंट्रोल में रखें।