ऐसे पल आते हैं, जब ऐसा लगता है, कि कुछ नहीं हो रहा है। लेकिन ठीक उसी समय ऐसे फैसले लिए जाते हैं, जो सब कुछ बदल देते हैं।
- स्टार्ट से पहले आखिरी मिनट।
- लॉन्च से पहले आखिरी टेस्ट।
- वह आखिरी पल, जब भविष्य अभी भी बहुत दूर लगता है।
ऐसे पलों में यह समझना खास तौर पर ज़रूरी है: बड़े चेंजेस एक ही दिन में नहीं होते हैं। उनके पीछे हज़ारों फैसले, महीनों की मेहनत, आइडिया में विश्वास और ऐसे लोग होते हैं, जो किसी ऐसी चीज़ की ओर स्टेप बढ़ाने को तैयार होते हैं, जो अभी तक नहीं है।
MLC में हम भविष्य का इंतज़ार नहीं करते हैं। हम इसे बनाते हैं — फैसले के बाद फैसला। और एक दिन वह पल आता है, जब इंतज़ार खत्म होता है।
भविष्य हमारी समझ से पहले ही शुरू हो जाता है।